Bed wetting habit in kids : reasons and ways to prevent it | इन वजहों से सोते समय बिस्तर गीला करते हैं बच्चे, आदत छुड़ाने के लिए ये उपाय आजमाएं

Bed wetting habit in kids– यदि आप नए कपल है तोह शायद इस तकलीफ के बारे में नहीं जानते होंगे। ये परेशानी है जब आपके घर में कोई छोटा बच्चा हो या यु कहे नवजात शिशु हो जब वो किसी भी प्रकार के बिस्तर पर सोते है तोह वो उन बिस्तरों पर शुशु यानि पेशाब कर देते है. जब वो ऐसा कर देते है तोह उनके माता – पिता उनको खूब डांटते हैं. जब वो बच्चा बार – बार ऐसा करता है तो उसके माँ – बाप ही नहीं परिवार के सभी सदस्य परेशान हो जाते है. परन्तु आप ये बात कभी नहीं जानना नहीं चाहते की ये बच्चे ऐसा करते ही क्यों है ? शयद मेरे हिसाब से किसी ने भी ये सोचा तक नहीं होगा। पर आज में इस पोस्ट में आपको ऐसी बात को समझाने की कोशिश करूंगा।

Bed wetting habit in kids : reasons and ways to prevent it | इन वजहों से सोते समय बिस्तर गीला करते हैं बच्चे, आदत छुड़ाने के लिए ये उपाय आजमाएं

Bed wetting habit in kids

प्रिय पाठको वास्तव में होता यह है की इस कच्ची उम्र में बच्चे धीरे-धीरे अपने ब्लैडर व् यूरिन पर कंट्रोल करना सीख रहे होते हैं. आप तोह सुसु की बात करते है हम तो ये भी बताना चाहेंगे आपको की यदि बच्‍चे को टॉयलेट की ट्रेनिंग भी अच्छे से ना मिली हो तोह भी बचा सुसु के साथ साथ टॉयलेट भी कर देते है. तो चलिए दोस्तों हम आपको इसके पीछे के जितने भी कारण है और इसके बचने के उपाय है वो सब अच्छे से बता दे.

40% बच्चे जो 3 साल की उम्र के है बिस्तर गीला करते हैं – Bed wetting habit in kids

आपको तो ये पता ही यही हमारे घर परिवार में जितने भी छोटे बच्चे है सोते समय नींद में बेड पर पेशाब कर देते है. छोटे बच्चो या शिशुओं की ये आदत बिलकुल सामान्य है. यदि हम एक अध्ययन की बात करे तो 3 साल तक की उम्र के करीब 40 प्रतिशत छोटे बच्चे ऐसा करते ही हैं. हालांकि इस प्रकार के क्वेश्चन मार्क ने कई एक्सपर्ट्स को ये बात सोचने पर विवश हो गए. उनका ये सवाल यही था की क्यों छोटे बच्चे बेड गीला करते हैं परन्तु उसके विपरीत बाकि 60 % बच्चे ऐसा क्यों नहीं करते.

कुछ ऐसे कारण जिनकी वजहों से बच्चे बिस्तर गीला करते हैं

बिस्तर गिला करने का सबसे पहला और मुख्य कारण यही है कि कुछ छोटे बच्चो का ब्लैडर पूरी तरह से विकसित ही नहीं हो पाता है. इसलिएउनका ब्लैडर लंबे टाइम तक उनके यूरिन को अपने अंदर रख नहीं पाता.
वैसे इस प्रकार की आदते बच्चो में जेनेटिक भी हो सकती है यानि उनके माँ – बाप या भाई – बहन में से किसी एक परिवार के सदस्य को ये आदत उनके बचपन में रही हो. तो भी ये समस्या हो सकती है.
या फिर ऐसा भी हो सकता है की आपका बच्चा इस बात को समझ ही नहीं पाता कि उसका ब्लैडर कितना भरा है.
बच्चे को UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) इस प्रकार को कोई इंफेक्शन हो तो भी बच्चा रात में बिस्तर पर सूसू कर सकता है.
इसके अतिरिक्त यदि आपके बच्चे को Sleep Apnea जैसी कोई प्रॉब्लम हो तोह ये दिक्कत हो सकती है.

 

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बेडवेटिंग यानी बिस्तर गीला होने से बचने के उपाय – Bed wetting habit in kids

सबसे पहला तो यही उपाय है की बच्चे को सोने से ठीक पहले हमेशा टॉयलेट जरूर करवाएं. यदि बच्चा सुसु किये बिना सोएगा तो आपका मखमली बेड गीला करने की सम्भावनाये बढ़ जाएगी.
रात में छोटे बच्चे को सोने से ठीक पहले किसी भी प्रकार की मीठी चीजें या फिर कैफिनेटेड ड्रिंक न दे. ये भी कारण है इससे पेशाब ज्यादा आती है.
यदि आपका बच्चा बिस्तर यानि बेड गीला करता है तो उस बच्चे को डांटने, मारने या पनिश ना करे. यदि आप ऐसा करते है तो बच्चे की शर्मिंदगी महसूस होगी और उस पर तनाव बढ़ेगा। जिससे होगा ये की उसका नींद में पेशाब निकलने का चांस घटने के जगह बढ़ जाएगा.
माँ – बाप चाहे तो अपने बच्चे को रात में उठाकर भी टॉयलेट या सूसू जाने की आदत भी डलवा सकते हैं.
अंत में यदि ये सब आपने कर लिया है या और कुछ जो आपने अपनी अनुभवों से किया है फिर भी आपका बच्चा ये ना छोड़े तो आप डॉक्टर से राय ले और इसका कारण जानें , इलाज करवाएं.

नोट: प्रिय पाठको , इस लेखे में बताये गए किसी भी उपाय को करने से ठीक पहले आप अपने नजदीकी विशेषज्ञ या चिकित्सक से परामर्श जरूर ले. हम इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करते है.

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